
सर्दियों की रातों में ठंडक हड्डियों तक पहुँच जाती है… और घर के अंदर आने के बाद भी वह ठंडक बनी रहती है। पारंपरिक हीटर तो शरीर के बाहरी हिस्से को गर्म रख सकते हैं, लेकिन शरीर के अंदरूनी हिस्से में ठंडक ही रह जाती है। ऐसी स्थिति में इन्फ्रारेड हीटर ही उपयोगी साबित होते हैं… क्योंकि वे ठंडक को सीधे शरीर के उस हिस्से तक पहुँचाते हैं जहाँ उसकी आवश्यकता है।
तकनीकी दृष्टि से क्या होता है?
इन्फ्रारेड हीटर, विकिरण तकनीक का उपयोग करके इन्फ्रारेड तरंगें भेजते हैं। ये तरंगें हवा में घूमती हैं, एवं सीधे व्यक्तियों/वस्तुओं द्वारा ही अवशोषित हो जाती हैं… न कि आसपास की हवा द्वारा। यह गर्मी शरीर के अंदर घुसकर शरीर का तापमान बढ़ा देती है, एवं रक्त संचार में सुधार करती है।
व्यावहारिक दृष्टि से क्या लाभ है?
व्यावहारिक रूप से, हाथ-पैर जल्दी ही गर्म हो जाते हैं… मांसपेशियों में तनाव कम हो जाता है… एवं आराम मिलता है… बिना किसी शुष्कता/असुविधा के। ऐसा लगता है, जैसे कि कोई धूप वाली जगह पर खड़े हों।
घर में इसका क्या महत्व है?
घर में ऐसी गर्मी बहुत ही उपयोगी है… लंबे दिन के बाद, जब आपको आराम चाहिए… या जब परिवार को निरंतर गर्मी की आवश्यकता होती है… तो इन्फ्रारेड हीटर ही उपयोगी है। यह स्वस्थ रक्त संचार में मदद करता है… जिससे सर्द मौसम में होने वाले दर्दों में राहत मिलती है… एवं आराम से आराम करने एवं सोने में मदद मिलती है।
व्यावहारिक विवरण:
इन्फ्रारेड हीटर, पूरे घर को गर्म रखने हेतु नहीं, बल्कि केवल विशिष्ट स्थानों को गर्म रखने हेतु ही बनाए गए हैं। ये छोटे, अच्छी तरह इन्सुलेटेड स्थानों में ही सबसे अच्छा काम करते हैं… या बड़े कमरों में अतिरिक्त गर्मी हेतु भी उपयोगी हैं। हीटर को ऐसी जगह रखना आवश्यक है, जहाँ से उसे सीधे देखा जा सके… ताकि सबसे अच्छा परिणाम मिल सके।
चूँकि ये हीटर वस्तुओं को सीधे ही गर्म करते हैं… इसलिए आसपास की हवा ठंडी ही रहती है… यह सामान्य बात है। सुरक्षा के लिए, ऐसे हीटर ही चुनें जिनमें ओवरहीटिंग से बचने हेतु सुरक्षा व्यवस्था हो… एवं इन्हें किसी ज्वलनशील वस्तु से दूर ही रखें।